General Overview
विज्ञान और प्रौद्योगिकीगिकी के क्षेत्र में भारत की प्राचीनकाल की उपलब्धियों से लेकर इस शताब्दी में प्राप्त महान सफलताओं की एक लम्बी और अनूठी परंपरा रही है। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय हमारा वैज्ञानिक और प्रौद्योगिक ढांचाचा न तो विकासत देशों जैसा मजबूत था और न ही संगठित। इसके फलस्वरूप हम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अन्य देशों में उपलब्ध हुनर और विशेषज्ञता पर आश्रित थे। पिछले चार दशकों के दौरान राष्ट्र की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक आधारभूत ढांचा बना लिया गया है तथा इसके लिए सामर्थ्य भी तैयार कर लिया गया है। जिससे अन्य देशों पर भारत की निर्भरता घटी है। वस्तुओं, सेवाओं और उत्पादों के लिए व्यापक पैमाने पर लघु उद्योग से लेकर अत्याधुनिक परिष्कृत उद्योगों तक की स्थापना की जा चुकी है। मूलभूत और व्यावहारिक विज्ञान के क्षेत्र में नवीनतम जानकारी से लैस अनुभवी विशेषज्ञों का समूह अब उपलब्ध है, जो प्रौद्योगिकियों में से विकल्प चुन सकता है, नई प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर सकता है और देश के भावी विकास का ढांचा तैयार कर सकता है।